1993 मुंबई ब्लास्ट केस: अबू सलेम समेत दो को उम्रकैद, दो को फांसी और 1 को 10 साल जेल की सजा

मुंबई सीरियल ब्‍लास्‍ट केस में विशेष टाडा अदालत गुरुवार (7 सितंबर) को सजा सुनाई गई। अंडरवर्ल्‍ड डॉन अबू सलेम सहित कुल पांच दोषियों को सजा का ऐलान किया गया। फिरोज खान और ताहिर मर्चेंद को फांसी की सजा सुनाई गई है। अबू सलेम और कलीमुल्‍लाह खान को उम्रकैद व रियाज सिद्दीकी को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। सलेम व कलीमुल्‍लाह पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एक अन्‍य आरोपी मुस्‍तफा दोसा की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो चुकी है। अदालत ने अबू सलेम समेत कुल छह को दोषी करार दिया था, एक आरोपी को बरी कर दिया गया था। सीबीआई ने पांचों दोषियों में 3 को सजा-ए-मौत और दो को उम्रकैद देने की मांग की थी। 16 जून को अदालत ने अबू सलेम के अलावा मुस्तफा डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, ताहिर मर्चेंट, कलीमुल्‍लाह खान व रियाज सिददीकी को भी दोषी करार दिया था। सलेम को भरूच से मुंबई हथियार लाने का दोषी पाया गया है। मुस्तफा डोसा को हत्या, साजिश और आतंकी गतिविधियों का दोषी पाया गया है। फिरोज अब्दुल रशीद खान को साजिश रचने और हत्या का दोषी पाया गया था। ताहिर मर्चेंट का धमाके की साजिश में शामिल रहने का दोषी पाया गया था। टाडा कोर्ट का मानना है कि मुस्तफा डोसा, अबू सलेम, ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान मुख्य साजिशकर्ता थे।

सात आरोपियों में सलेम, मुस्तफा डोसा, करीमुल्ला खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिददीकी, ताहिर मर्चेंट तथा अब्दुल कय्यूम शामिल थे। इन सातों को 2003 से 2010 के बीच गिरफ्तार किया गया था और इनपर आपराधिक साजिश रचने, सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और हत्या के आरोप लगे थे।

 

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